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श्री अरुण त्रिपाठी द्वारा इससे पूर्व चार पुस्तकें और अभी तक लिखी गई है। जोकि प्रकाशित भी हो चुकी है पहली पुस्तक है रामचरितमानस का क्वचित अन्य इसमें यह समझने और समझाने की कोशिश की गई है की रामचरितमानस केवल एक धार्मिक, आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं है वरन यह समाज की समस्याओं को समाधान करने की दिशा में एक कदम भी है। दूसरी पुस्तक है अद्यतन गीता इसमें गीता की दुरूहता और क्लिष्टता को बहुत सरल शब्दों में समझाने का समझने का प्रयास किया गया है। तीसरी पुस्तक है समर्पण इसमें समझाया गया है कि प्रेम का वास्तविक स्वरूप क्या है। प्रेम को प्राप्त कर लेना ही प्रेम नहीं है बल्कि प्रेम से विमुख हो सकना भी प्रेम है। चौथी पुस्तक है रणविजय अभियान इसमें यह समझने की समझाने की कोशिश की गई है कि एक सामान्य मनुष्य सामान्य परिस्थितियों में भी कैसे असामान्य कार्य कर सकता है और असंभव को संभव करते हुए सब कुछ प्राप्त कर सकता है। लेखक की पांचवी पुस्तक आपके हाथों में है जोकि रामचरितमानस के कुछ प्रसंगों को स्पष्ट करने की कोशिश करती है रामचरितमानस एक महान ग्रंथ है जिसे बहुत से मनुष्य जिंदगी भर पढ़ने की कोशिश करते हैं लेकिन पढ़ नहीं पाते कुछ पढ़ लेते हैं तो समझ नही पाते। जबकि कुछ तो 24 घंटे में ही पूरी रामायण पढ़ लेते हैं अखंड पाठ करते हैं। कुछ एक माह में पढ़ लेते हैं तो कुछ 9 दिन में रामायण पढ़ लेते हैं इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए 9 दिन में नो प्रसंगों को समझते हुए रामचरितमानस को समझने समझाने का प्रयास किया गया है। सभी प्रसंग एक से एक बढ़कर। रोते हैं और समाज में समरसता स्थापित करने का प्रयास करते हैं।

Navada Ramayan

SKU: 9789355096388
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